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Showing posts from June 9, 2025

एक दिवसीय साप्ताहिक सत्संग, संत आशारामजी आश्रम मोतिहारी

प्रार्थना !! गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुर्साक्षात्परब्रह्मा तस्मै श्रीगुरवे नमः। ध्यानमूलं गुरुर्मूतिः पूजामूलं गुरु पदम्। मंत्रमूलं गुरुर्वाक्यं मोक्षमूलं गुरुः कृपा। अखंडमंडलाकारं व्याप्तं येन चराचरम्। तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः। त्वमेव माता, पिता, त्वमेव, त्वमेव, बंधुश्च सखा, त्वमेव। त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव त्वमेव सर्वं मम देव देव। ब्रह्मानंदं परमसुखदं केवलं ज्ञानमूर्ति। द्वंदत्तितं गगनसदृशं तत्त्वमस्यादिलक्ष्यम्।  एक नित्यं विमलमचलं सर्वधिसाक्षीभूतं भवतितितम त्रिगुणरहितं सद्गुरु तं नमामि । !! गुरु वंदना !! जय सद्गुरु देवन देववरं निज भक्तन रक्षण देहधरम्। परदुःखरे सुखशांतिरेण निरुपाधि निरामय दिव्य परमम्।। जय काल अबाधित शांति मर्या जनपोषक शोषक तापत्रयम्। भयभंजन देत परम अभयं मन्नारंग भाविक भावप्रियम्।।2।। ममतादिक दोष नशावत है। शम आदिक भाव सिखावत है। जग पाप जीवन निवारत है। भवसागर पार निकलते हैं। ।3।। कहूँ धर्म बताता है ध्यान कहीं। कहूँ भक्ति सिखावत ज्ञान कहीं। उपदेशत नेम अरु प्रेम तुम्हीं। करते प्रभु योग अरु क्षेम तुम्हीं। 14।। मन इन्द्रिय...