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रविवार को मोतिहारी की इन इलाकों की बिजली रहेगी गुल

यदि आपकी जिंदगी बिजली से चक्का चंद रहती है तो यह न्यूज़ आपके लिए है विद्युत विभाग के एसडीओ के द्वारा दिए गए जानकारी के अनुसार 132/33केवी मोतिहारी ग्रिड में आवश्यक शीतकालीन संपोषण कार्य हेतु दिनांक 04.01.26 को सुबह 9:30 बजे से दोपहर दो (2PM) बजे तक सभी 33 KV लाइनों से विद्युत आपूर्ति पूर्णतः बाधित रहेगी. इस शीतकालीन संपोषण कार्य से प्रभावित होने वाले क्षेत्र : - इस कार्य से प्रभावित क्षेत्रों में सर्किट हाउस, कलेक्ट्रेट, कोर्ट कैंपस, पुलिस लाइन, केंद्रीय कारा, जज कॉलोनी, पॉलीटेक्निक, बलुआ चौक, राजा बाजार, रघुनाथपुर, बालगंगा, कचहरी चौक, सदर अस्पताल, रेड क्रॉस, श्रीकृष्ण नगर, अगरवा, बेलबनवा, टाऊन थाना, चरखा पार्क, पटेल चौक, BSNL, बापुधाम रेलवे स्टेशन, चांदमारी, आजाद नगर, अंबिका नगर, MS college, मीना बाजार, छतौनी, जानपुल, मिशन चौक, पानी टंकी मेन रोड के साथ साथ तुरकौलिया प्रखंड, बंजरिया प्रखंड, कोटवा प्रखंड, पिपराकोठी प्रखंड और मोतिहारी प्रखंड
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इस वैरायटी के पपीता की खेती से मात्र छः महीने में हो जाएंगे मालामाल।

चम्पारण के भूतपूर्व सैनिक ने पपीता की खेती में बुलंदी का झंडा गाड़ा.  पूर्वी चम्पारण। पूर्वी चंपारण के पीपराकोठी प्रखंड अंतर्गत सूर्यपुर पंचायत के पडौलिया गांव के रहने वाले भारतीय सेना से रिटायर्ड फौजी सह युवा किसान राजेश कुमार परंपरागत खेती से इतर पपीता की खेती कर रहें है. इस खेती के लिए उन्होंने अपने खून पसीने से भूमि को इस तरह से सिंचित किया है कि पपीता का बंपर उत्पादन हो रहा है. आज स्थिति यह है कि नौकरी के पीछे भागने वाले युवा भी किसान राजेश कुमार से मिलकर पपीता की खेती के गुर सीख रहें है. सेना से रिटायर्ड होने के बाद, खेती-बाड़ी का निर्णय  किसान राजेश कुमार बताते हैं कि शुरू से ही खेती-बाड़ी में उनकी रूचि रही है. भारतीय सेना से रिटायरमेंट के बाद उन्होंने खेती-बाड़ी करने का फैसला लेकर सबको चौंका दिया. उसमें भी परंपरागत खेती से इतर पपीता की खेती का फैसला लेना इतना आसान नहीं था. बावजूद इसके उन्होंने पपीता की खेती की और पूर्वी चंपारण में अपनी सफलता का झंडा गाड़ दिया. जिला उद्यान, कृषि विज्ञान केन्द्र से मिली सहायता  किसान राजेश कुमार कहते हैं कि पपीता की खेती के लिए जिला...

एकदिवसीय जाॅब कैंप सह करियर मार्गदर्शन कैंप होगा आयोजित

मोतिहारी। जिला नियोजनालय, पूर्वी चम्पारण, जिला नियोजनालय के कैंपस में दिनांक - 20.06.2025 को प्रातः 11:00 बजे एक दिवसीय जॉब कैंप सह  कैरियर मार्गदर्शन कैम्प का आयोजन किया जा रहा है.  इस जॉब कैम्प में CIEL HR SERVICES LIMITED द्वारा भाग लिया जाएगा और अभ्यर्थियों का चयन मशीन ऑपरेटर/हेल्पर पद के लिए किया जाएगा.  विभिन्न पदों के लिए योग्यता 10 वीं, 12वीं, आई टी आई,एवं डिप्लोमा पास आवश्यक है, उम्र पुरुष 18-35 वर्ष निर्धारित है. जॉब का कार्यस्थल दिल्ली, गुजरात, तमिलनाडु एवं हरियाणा में होगा और मानदेय 16000 से 22000 CTC निर्धारित किया गया है. साथ ही साथ अन्य सुविधाएं भी दी जाएगी जैसे आवास, इनसेंटिव,पीएफ,मेडिकल, बोनस, ग्रैजुएटी. इस जॉब कैंप मे कुल - 150 रिक्त पदों पर भर्ती किया जाना है। अभ्यर्थी अपने रिज्यूम बॉयोडाटा, मूल प्रमाणपत्रों, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, फोटो के साथ जिला नियोजनालय के  कैंपस में रोजगार कैम्प में प्रातः 11:00 उपस्थित हो सकते हैं।

एक दिवसीय सत्संग.....

श्री आशारामायण श्री आशारामायण पाठ (Shri Asharamayan Path) Shri Asharamayan Path गुरु चरण रज शीष धरि, हृदय रूप विचार । श्री आशारामायण कहौं, वेदांत को सार ।। धर्म कामार्थ मोक्ष दे, रोग शोक संहार । भजे जो भक्ति भाव से, शीघ्र हो बेड़ा पार । । भारत सिंधु नदी बखानी, नवाब जिले में गाँव बेराणी । रहते एक सेठ गुण खानि, नाम थाऊमल सिरुमलानी ।। आज्ञा में रहती मंगीबा, पतिपरायण नाम मंगीबा । चैत वद छः* उन्नीस चौरानवे, आसुमल अवतरित आँगने ।। माँ मन में उमड़ा सुख सागर, द्वार पै आया एक सौदागर । लाया एक अति सुंदर झूला, देख पिता मन हर्ष से फूला ।। सभी चकित ईश्वर की माया, उचित समय पर कैसे आया । ईश्वर की ये लीला भारी, बालक है कोई चमत्कारी ।। हरिॐ हरिॐ हरिॐ हरिॐ हरिॐ हरिॐ हरिॐ हरिॐ । संत सेवा औ’ श्रुति श्रवण, मात पिता उपकारी । धर्म पुरुष जन्मा कोई, पुण्यों का फल भारी || सूरत थी बालक की सलोनी, आते ही कर दी अनहोनी । समाज में थी मान्यता जैसी, प्रचलित एक कहावत ऐसी ।। तीन बहन के बाद जो आता, पुत्र वह त्रेखण कहलाता । होता अशुभ अमंगलकारी, दरिद्रता लाता है भारी ।। विपरीत किंतु दिया दिखायी, घर में जैसे लक्ष्मी आयी । तिरल...

नेपाल के बारा जिला स्थित गढ़ीमाई दर्शन... विश्व प्रसिद्ध यह मेला पशु बलि के लिए प्रसिद्ध है.

नेपाल। नेपाल के  बारा जिला स्थित गढ़ीमाई धाम पूरे विश्व में पशु बलि के लिए प्रसिद्ध है. प्रत्येक पांच साल पर लगने वाले इस स्थानीय ग्रामीण मेला को देखना, इसके आध्यात्मिक पहलू, धार्मिक श्रद्धा, स्थानीय विधि व्यवहार आदि को निकट से जानना, समझना, महसूस करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ.  मेला में शामिल होना अपने आप में बहुत बड़ा सौभाग्य का विषय है क्योंकि इस मंदिर के लगभग 10 किलोमीटर रेडियस में हर जगह आपको एक जैसे ही स्थिति दिखेगी. आप कुछ देर के लिए यह समझ नहीं पाएंगे कि आप मंदिर की किस दिशा में है और आपको किस दिशा में जाना है.  हरगांव हर मोहल्ले में एक बड़ा भारी हुजूम चलता हुआ दिखेगा. जिससे 4-5 किलोमीटर पहले से ही आपको आभास होगा कि मंदिर अगल-बगल में ही है लेकिन ऐसा नहीं है. क्या आभास मिर्ग-मरीचिका की तरह है. स्थानीय लोगों की माने तो गढ़ीमाई से मांगे गए मनोकामना के पूरी होने के बाद लोग कबूतर गौ माता के प्रांगण में उड़ाते हैं, बकरा अथवा भैंस की बलि चढ़ाते हैं और खून माता को समर्पित करते हैं.  यहां चारों तरफ बकरे की बली (झटका) देते ...

बिहार के चौथे कृषि रोड मैप लॉन्च. राष्ट्रपति ने कहा कि विकसित भारत के सपना को पूरा करने में बिहार का योगदान बहुत महत्वपूर्ण

बिहार के चौथे कृषि रोड मैप लॉन्च. राष्ट्रपति ने कहा कि विकसित भारत के सपना को पूरा करने में बिहार का योगदान बहुत महत्वपूर्ण रिपोर्ट : नकुल कुमार  पटना। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पटना में बिहार का चौथा कृषि रोड मैप (2023-2028) लॉन्च किया. इस दौरान राष्ट्रपति ने कहा कि विकसित भारत के सपने को पूरा करने में बिहार का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि कृषि बिहार की लोक-संस्कृति का एक अहम हिस्सा है. बटोहिया और बिदेसिया से लेकर कटनी और रोपनी गीतों तक की बिहार की लोक-संस्कृति और साहित्य की यात्रा ने पूरे विश्व में अपनी पहचान बनाई है. कृषि बिहार की अर्थव्यवस्था का आधार है। कृषि और संबद्ध क्षेत्र में न केवल राज्य का लगभग आधा कार्यबल लगा हुआ है बल्कि  राज्य GDP में भी इसका अहम योगदान है. इस प्रदेश की उन्नति के लिए कृषि क्षेत्र का सर्वांगीण विकास अत्यंत आवश्यक है. बिहार के किसान भाई-बहन खेती में नए-नए प्रयोगों को आजमाने और अपनाने के लिए जाने जाते हैं. यही वजह है कि नोबेल पुरस्कार से सम्मानित एक अर्थशास्त्री ने नालंदा के किसानों को “greater than scientists” कहा था. य...

बीरगंज में होगा मोतिहारी-बीरगंज व्यावसायिक मैत्री बैठक. तराई क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधि बढ़ाने पर होगा जोर

 www.ntcnewsmedia.com पूर्वी चम्पारण। मोतिहारी चैंबर ऑफ़ कॉमर्स अपने रजत जयंती वर्ष के अवसर पर इस वर्ष एक अंतरराष्ट्रीय बैठक का आयोजन आगामी 24 सितंबर 2023, रोज रविवार को बीरगंज में करने जा रही है। इस बैठक को बीरगंज चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज होस्ट कर रही है। यह दोनों चैंबर की प्रथम संयुक्त बैठक है और इस तरह का एक नया पहल मोतिहारी चेंबर ऑफ कॉमर्स प्रारंभ की है।  ध्यातव्य हो कि पिछले वर्ष भी मोतिहारी चैंबर ने मध्य बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स के साथ एक क्षेत्रीय बैठक गया शहर में आयोजित की थी। यह मोतिहारी-बीरगंज व्यावसायिक मैत्री बैठक का मुख्य उद्देश्य चंपारण जिले और नेपाल के तराई क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों को समझना और इसमें सहयोगात्मक भावना बढ़ाना है।  मोतिहारी चैंबर का एक 20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल इस बैठक में शामिल हो रहा है।साथ हीं बीरगंज चैंबर की संपूर्ण कार्यकारिणी इस बैठक में शामिल रहेगी। मोतिहारी चैंबर चाहती है कि इस क्षेत्र में व्यावसायिक भावना का विस्तार हो। साथ ही क्षेत्रीय व्यवसाय को बढ़ावा मिल सके। इस बैठक की तैयारी के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण बैठ...