गन्ना मंत्री ने आधुनिक गन्ना खेती को बढ़ावा देने पर दिया बल, कहा कि गन्ना राज्य की महत्वपूर्ण नगदी फसल
आज दिनांक 23 जनवरी 2026 को गन्ना किसान संगोष्ठी सह क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिला अंतर्गत पहाड़पुर प्रखंड अंतर्गत कोटवा पंचायत के लखानीपुर सेंटर बथुआहा काटा, गोविंदगंज में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय गन्ना उद्योग मंत्री श्री संजय कुमार, माननीय विधायक गोविंदगंज श्री राजू तिवारी , माननीय विधायक सुगौली श्री राजेश कुमार , संयुक्त इंखायुक्त श्री जय प्रकाश नारायण सिंह ने की।
माननीय मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गन्ना विभाग के द्वारा आधुनिक तरीके से गन्ना की खेती को प्रचारित एवं प्रत्तारित करने के लिए विभिन्न स्तर पर किसानों के प्रशिक्षण का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। गन्ना राज्य का एक महत्वपूर्ण नगदी एवं वाणिज्यिक फसल है।
कृषि आधारित उद्योगों में गन्ना आधारित चीनी उद्योग का एक महत्वपूर्ण स्थान है। गन्ना आधारित उद्योग के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के आय में बढ़ोत्तरी संभव है। इन उद्योगों में बड़े पैमाने पर रोजगार का अवसर उपलब्ध होता है। विभाग द्वारा किसानों के लिए लगातार संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है जिससे किसानों को उत्तम किस्म की बीज, यंत्र और खादों की जानकारी मिल रही। सीमित खेती में ज्यादा से ज्यादा पैदावार हो इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य है।
देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं बिहार के विकास पुरूष माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में कृषि रोड मैप कार्यक्रमों को लागू किया जा रहा है। गन्ना कृषकों के उन्नति एवं समृद्धि हेतु गन्ना उद्योग विभाग के द्वारा मुख्यतः मुख्यमंत्री गन्ना विकास कार्यक्रम एवं गन्ना यंत्रिकरण योजना चलाया जा रहा है।
राज्य सरकार द्वारा गन्ना की खेती तथा गन्ना आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए कृषि रोड मैप कार्यक्रम लागू किया गया है। राज्य में गन्ना की खेती के लिए मिट्टी एवं जलवायु अनुकूल है। इसके बावजूद गन्ना की प्रति हेक्टेयर उत्पादकता राष्ट्रीय औसत से कम है। गन्ना की प्रति हेक्टेयर उत्पादकता को बढ़ाने के लिए आधुनिक विधि से जैसे कि सिंगल बड पद्धति से गन्ना की खेती आवश्यक है।
गन्ना के उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि के लिए उच्च उत्पादकता वाले गन्ना प्रभेदों की नितांत आवश्यकता है। वर्तमान में मांग के अनुरूप गन्ना बीज की अनुपलब्धता की भरपाई हेतु विभाग द्वारा काफी प्रयास किये जा रहे हैं। पारम्परिक विधि की अपेक्षा सिंगल बड पद्धति में बीज की आवश्यकता एक तिहाई होती है. जिससे सिमित बीज में अधिक से अधिक रकवा आच्छादित हो सके। इसी कड़ी में गन्ना किसानों के ज्ञानवर्द्धन हेतु यह कार्यशाला आयोजित किया गया है ताकि हमारे गन्ना किसान गन्ना खेती के आधुनिक तकनीक को सीख सके।
राज्य सरकार राज्य में नयी चीनी मिल की स्थापना / बंद चीनी मिलों के पुनरूद्धार करने हेतु प्रयत्नशील है। इसे सात निश्चय 3 में भी शामिल किया गया है। नयी चीनी मिलों की स्थापना एवं गुड इकाई के संचालन हेतु पर्याप्त नात्रा में गन्ने की उपलब्धता हेतु विभाग गन्ना फसल क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम का कार्यान्वयन प्रारंभ किया गया है।
राज्य के गन्ना मिल औसतन 100-110 दिन चलाये
गन्ना के उपज को बढ़ाने के लिए आधुनिक प्रकार के गन्ना बीज का उपयोग नितांत आवश्यक है। राज्य सरकार गन्ना किसानों के हित में मुख्यमंत्री गन्ना विकास कार्यक्रम के तहत त्रिस्तरीय बीज उत्पादन कार्यक्रम लागू किया जा रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में गन्ना के उत्तम एवं सामान्य श्रेणी के चयनित प्रभेदों के प्रमाणित गन्ना बीज का वितरण का 7 लाख क्वींटल लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को अगले वित्तीय वर्ष में और बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि किसानों को उत्तम श्रेणी के गन्ना प्रभेद का बीज सुगमतापूर्वक उपलब्ध हो सके।
नई सरकार युवाओं को 1 करोड़ रोजगार और स्वरोजगार देने के लिए कृतसंकल्पित है इसके लिए ज्यादा से ज्यादा चीनी मिले खुलेगी तो ज्यादा से ज्यादा रोजगार भी सृजित होंगे। हमारी सरकार चीनी मिलों से भी उनकी दिक्कतों के लोकर सुझाव मांग रही है ताकि हम मिलकर सारी कठिनाइयों को दूर कर सकें।
सरकार का यह प्रयास है कि किसानों को उनके गन्ने का लाभकारी मूल्य प्राप्त हो। इस हेतु राज्य सरकार द्वारा किये गये आवश्यक पहल के आलोक में ही पेराई सत्र 2025-26 के लिए उत्तम एवं सामान्य प्रभेद के गन्ने पर 15-15 रू0 प्रति क्वींटल एवं निम्न प्रभेद के गन्ने पर 20 रू० प्रति क्वींटल की दर से बढ़ोतरी की गयी है। इस प्रकार पेराई सत्र 2025-26 में ईख के निम्न प्रभेद के लिए 330 रू०/क्विंटल. सामान्य प्रभेद के लिए 360 रू०/क्विंटल एवं उत्तम प्रभेद के लिए 380 रू०/क्विटल के दर से गन्ना मूल्य का निर्धारण किया गया है। इसके अतिरिक्त 10 रू०/क्विटले की दर से तीनो प्रभेदों पर राज्यकोष से गन्ना किसानों को अतिरिक्त ईख मूल्य भुगतान किया जा रहा है।
आधुनिक तकनीक व प्रशिक्षण से बढ़ेगी गन्ना उत्पादकता, गन्ना आधारित उद्योगों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती : मंत्री
माननीय मंत्री ने गन्ना किसानों से आग्रह किया किया कि आप इसकी खेती को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाएं। आपको नवीनतम किस्म के बीज, यंत्र और खाद मिल सके इसके लिए मुख्यमंत्रीजी और सरकार हमेशा आपके हितार्थ कृतसंकल्पित है।
संयुक्त ईखायुक्त श्री जय प्रकाश नारायण सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज हम और हमारा विभाग किसानों के हित में लगातार कार्य कर रहा है। साथ ही अभी हाल ही में सात निश्चित-3 के तहत Ease of Living के तहत विभाग अब आपकी शिकायतों को सुनेगा और संबंधित अधिकारी इन समस्याओं का त्वरित निष्पादन करेंगे।
विभाग द्वारा किसान भाइयों के लिए ईख मित्र एप बनाया गया है जहां किसान खेती और किसी सुझाव हेतु फोटो अपलोड कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही केन पोर्टल भी आपके लिए ही बनाया गया है। कृषि के लिए समय समय पर उपयोगी कीटनाशक है उनका भी उपयोग करते रहें। मुख्यमंत्री गन्ना विकास कार्यक्रम के अंतर्गत 3 अवयव कार्यरत हैं जिनमें प्रमाणित गन्ना बीज प्रत्यक्षण, गन्ना के साथ अंतर्वर्ती खेती एवं बड चीफ, सिंगल बड पद्धति से गन्ना रोपाई प्रत्यक्षण करना शामिल है। फिलहाल किसानों के हित के लिए 33 यंत्र मुख्यमंत्री यंत्रीकरण योजना के अंतर्गत शामिल किए जा चुके हैं।
वर्तमान वित्तीय वर्ष में राज्य के गन्ना किसानों के हित में गन्ना यंत्रिकरण योजना का कार्यान्वयन कराया जा रहा है। इस योजना के कार्यान्वयन से राज्य के गन्ना किसानों एवं समूहों को अनुदानित दर पर गन्ना कृषि यंत्र उपलब्ध कराने का प्रावधान है। अभी गन्ना की 2.3 लाख हेक्टेयर खेती होती इसको हमें मिलकर 3.50 लाख हेक्टेयर से ऊपर ले जाना है ताकि राज्य के साथ राज्य के बाहर के ज्यादा से ज्यादा निवेशक आयेंगे तो और अधिक चीनी मिलें खुलेगी।
जहां गुड़ यूनिट नहीं है वहां उस यूनिट को अधिष्ठापन करवाना हमारी प्राथमिकता होगी सरकार की यही प्राथमिकता रही है कि गन्ना क्षेत्र में हो रहे सतत् अनुसंधानों का सीधा फायदा गन्ना उत्पादक कृषकों तक पहुँचे। साथ ही साथ पूर्ण पारदर्शिता के साथ विभाग द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का सीधा लाभ गन्ना कृषकों को पहुँचे इस दिशा में विभाग निरन्तर प्रयास कर रहा है।
उप निदेशक सह सहायक निदेशक (ईख विकास), मोतिहारी श्री अजित कुमार प्रसाद ने गन्ना यंत्रीकरण योजना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। इसमें फसल विविधीकरण, रोग-कीट प्रबंधन शामिल। योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 10 करोड़ रुपये आवंटित, जिनका वितरण 2024-25 में प्रारंभ हो चुका। नकदी फसल गन्ने को बढ़ावा देने हेतु 336 किसानों को कृषि यंत्र प्रदान किए गए हैं।
कार्यक्रम के दौरान तकनीकी सत्र में क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, माधोपुर के प्राध्यापक सह मुख्य वैज्ञानिक डॉ. निरज कुमार एवं सह प्राध्यापक सह मुख्य वैज्ञानिक, संजीव कुमार सिन्हा ने गन्ना उत्पादन में समेकित किट प्रबंधन एवं गन्ना की खेती में एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन और क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, माधोपुर के सहायक प्राध्यापक सह कनीय वैज्ञानिक डॉ सतीश चन्द्र नारायण ने गन्ना में उन्नत प्रभेदों का बीज उत्पादन विषय कर किसानों को प्रशिक्षित किया। साथ ही उप निदेशक सह सहायक निदेशक ईंख विकास पदाधिकारी, मोतिहारी श्री अजित कुमार प्रसाद ने गन्ना यंत्रीकरण योजना के संबंध में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से किसानों को फसल विविधिकरण, रोग एवं कीट प्रबंधन के विषय में प्रशिक्षित किया।
कार्यक्रम का समापन श्री रेमन्त झा, सहायक इंखायुक्त उत्तर बिहार, मुजफ्फरपुर सह ईख पदाधिकारी बेतिया अंचल ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया।
संगोष्ठी में गन्ना उद्योग विभाग के पदाधिकारी, पूर्वी चंपारण की सभी चीनी मिलों के प्रबंधक, गन्ना किसान, वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ सम्मिलित हुए।
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