बड़ी तनहाई में यह रात गुजरती है
अब रात में ही मिलने को जी चाहता है।।
इस मोहब्बत का न निकले कभी भी जनाजा,
तेरे संग जीने मरने को जी चाहता है।।
यह नयन कजरे की धार चाहता है ,
यह धड़कन गजरे की मार चाहता है ।।
तुम बिन हर वक्त उल्फत में बिताई है हमने ,
अब यह तन मन तुम्हारा प्यार चाहता है।।
जब तुम जुदा जुदा से रहते थे,
मुझसे कुछ नहीं कहते थे।।
बेकरार हमारी रातें थी,
तुम मैसेंजर पर भी नहीं आती थी।।
हम तड़प तड़प कर जीते थे,
घूंट, जहर का पीते थे।।
अब रात को ना बेकरार करो,
आओ मुझसे प्यार करो।
कवि व पत्रकार :- नकुल कुमार
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Actor: Aditya Gupta
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