पूर्वी चंपारण जिले के निजी विद्यालयों के सम्बन्ध जिलाधिकारी द्वारा प्रतिबंधात्मक आदेश जारी, मनमानी पर लगेगा लगाम.
पूर्वी चंपारण जिले के निजी विद्यालयों के सम्बन्ध जिलाधिकारी द्वारा प्रतिबंधात्मक आदेश जारी मितव्ययी, गुणवत्तापूर्ण एवं सर्व सुलभ शिक्षा व्यवस्था का निर्माण लोक कल्याणकारी प्रशासन के सर्वाधिक महत्वपूर्ण उद्देश्यों में से एक है। हाल के दिनों में समाचार पत्रों, पालकों की शिकायतों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा यह स्थापित किया गया है कि पूर्वी चंपारण जिले के निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों से शुल्क के साथ-साथ अन्य शैक्षणिक सामग्रियों की भी अत्यधिक कीमत वसूली की जा रही है। इन निजी स्कूलों के संचालकों द्वारा पुस्तकें, यूनिफॉर्म, बैग, जूते, कॉपियां आदि अत्यधिक महंगी कीमत पर बेची जा रही हैं तथा अभिभावकों को केवल निर्धारित दुकानों से ही सामान खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है, जिससे उन्हें खुले बाजार से सस्ती चीजें खरीदने की स्वतंत्रता नहीं मिल पाती है। इस एकाधिकारी प्रवृत्ति के कारण विशेष रूप से गरीब वर्ग के पालकों पर अनुचित और भारी आर्थिक खर्च का बोझ पड़ रहा है, जिससे विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को अत्यन्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्राप्त सूचनाओं से...